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वेंटिलेटर के लिए पुलिस कर्मी ने प्राचार्य से लेकर सीएमएस तक लगाई गुहार

Shitala Bazaar Resident
Shitala Bazaar Resident

कानपुर। शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों के ग्राफ में लगातार कमी आ रही है। वहीं आँक्सीजन की किल्लत भी अब दूर हो गई है। लेकिन सरकारी अस्पताल में आँक्सीजन की कमी बताकर मरीज को भर्ती करने के बजाय रेफर किया जा रहा है।

शीतला बाजार जाजमऊ निवासी जब्बार का बेटा इरफ़ान बुखार और सांस की तकलीफ से पीड़ित था। परिजनों के मुताबिक़,बीते कुछ दिन पहले उसे बुखार आया था। इलाज मिलने पर ठीक हो गया। युवक की भाभी सीमा के मुताबिक़,मंगलवार को इरफान को काफी तेज बुखार आया और बदन अकड़ गया। गंभीर हालत मैं परिजन उसे उर्सला अस्पताल लेकर पहुंचे। युवक की भाभी के मुताबिक,वहां डॉक्टर ने भर्ती करने के बजाय आँक्सीजन की कमी का हवाला देकर हैलट रेफर कर दिया। देर शाम परिजन उसे लेकर हैलट पहुंचे। यहां भर्ती करने के बाद बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।

मासूम आशा को जिला अस्पताल से मिली निराशा

बिलासपुर,छत्तीसगढ़ की रहने वाली पार्वती जनपद हमीरपुर में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करती है। महिला के मुताबिक़ दो दिन पूर्व उसकी सात साल की मासूम बेटी आशा को पेट में असहनीय दर्द होने पर वो हमीरपुर के जिला अस्पताल में बेटी का इलाज कराने पहुंची। मासूम की माँ ने बताया कि,वहां उसे निराशा हाथ लगी तो वो बेटी को लेकर हैलट पहुंची। यहां डॉक्टर ने जांचें कराने के बाद मासूम का इलाज शुरू किया गया।

निजी अस्पताल में नहीं मिला बेहतर इलाज

नारामऊ निवासी विकास सिंह अपनी पत्नी आराधना सिंह को गंभीर हालत में लेकर शारदा नगर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। परिजनों के मुताबिक़,महिला को उल्टियां आ रही थी और जांच में लीवर,पैंक्रियाज व किडनी में संक्रमण की पुष्टि हुई। निजी अस्पताल में इलाज से संतुष्ट ना होने पर महिला को लेकर परिजन दोपहर हैलट इमरजेंसी पहुंचे और इलाज शुरू कराया।

इलाज कर रहे डाँक्टर ने बुजुर्ग को आईसीयू के लिए किया रेफर

दहेली सुजानपुर निवासी प्रेम कुमार तिवारी को सोमवार को उर्सला में इलाज के दौरान हैलट रेफर किया गया। लखनऊ में 1090 में तैनात बेटे अविनाश ने बताया कि पिता को फेफड़ों में संक्रमण और फंगस की शिकायत है। हैलट में गंभीर हालत में बीते तीन दिन पूर्व उन्हें भर्ती कराया था। यहां पर पिता का कोविड टेस्ट कराने के बाद जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। बुधवार को बेटे ने बताया कि,पिता को सांस लेने में काफी तकलीफ है,जिसके चलते उनके शरीर का आँक्सीजन लेवल 50 तक आ पहुंचा है। पिता की हालत बिगड़ती देख यहां इलाज कर रहे डाँक्टर ने बुजुर्ग को आईसीयू के लिए रेफर किया है। पुलिसकर्मी के मुताबिक़ वो आईसीयू में वेंटिलेटर के लिए जीएसवीएम मेडिकल काँलेज के प्राचार्य,हैलट की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से गुहार लगा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मेडिकल काँलेज के प्राचार्य प्रो आरबी कमल ने बताया कि,मेडिसिन आईसीयू फुल है,कुछ वेंटिलेटर खराब पड़े है। वेंटिलेटर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

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